Raniwara News Network

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Friday, June 6, 2014



GENERAL KNOWLEDGE

ऐसा कौनसा किला है जिसको नीचे से उपर देखने पर व्‍यक्ति की पगडी नीचे गिर जाती है    कुम्‍भलगढ का किला
राजस्‍‍थान के किस संभाग में सबसे अधिक जिले है          जोधपुर
राजस्‍‍थान का अन्‍नागार किस जिले को कहा जाता है         गंगानगर

ब्‍ल्‍यू सिटी के नाम से कौनसा नगर प्रसिद्व है .......................जोधपुर
मेहरानगढ दुर्ग कहां पर स्थित है ........................................जोधपुर
मेहरानगढ दुर्ग कौनसी पहाडी पर स्थित है ................................चिडीयाटुक पहाडी
जैसलमेर का किला कौनसी पहाडी पर स्थित है ............................ि‍ितकुट पहाडी पर
राजस्‍थान का अण्‍डमान किसे कहा जाता है ...................................................जैसलमेर का
गलिया का शहर किसे कहा जाता है .......................जैसलमेर को 
तीर्थो का भांजा किसे कहा जाता है............................ मात़कुण्‍ड को
आदिवासियो का हरिद्वार किसे कहा जाता है .................वेणेश्‍वर धाम को
राजस्‍थान की कुल स्‍थलीय सीमा कितनी है .................... 5920 वर्ग किमी
राजस्‍थान की अर्न्‍तराष्‍टीय सीमा कितनी है ......................1270 वर्ग किमी
राजस्‍थान की कुल अर्न्‍तराज्‍यीय सीमा कितनी है ................... 4850 वर्ग किमी
राजस्‍थान के सीमा से लगने वाले अर्न्‍तराष्‍टीय जिले ................. चार
राजस्‍थान की सीमा से लगने वाले अर्न्‍तराज्‍यीय जिले .................. तेइस
राजस्‍थान की सीमा से लगने वाले अर्न्‍तराष्‍टीय एवं अर्न्‍तराज्‍यीय जिले ......25
राजस्‍‍थान के ऐसे कितने जिले है जो न तो राज्‍य से लगते है एवं न ही किसी राष्‍ट से ..................... आठ

राजस्‍थान का सबसे नवीनतम जिला कौनसा है .....................प्रतापगढ
राजस्‍थान का सबसे नवीनतम संभाग कौनसा है ..................... भरतपुर
भरतपुर संभाग में कुल कितन जिले है .................................चार
भरतपुर संभाग को किन किन संभाग को तोडकर बनाया गया है .........कोटा एवं जयपुर
राजस्‍थान की सबसे कम सीमा किस राज्‍य के साथ लगती है  .............................. पंजाब
राजस्‍थान के सबसे उत्‍तर में कौनसा गावं है ..................... कोणा गावं
कोणा गावं किस जिले में आया हुआ है  .............................गंगानगर
राजस्‍थान के सबसे दक्षिण में कौनसा गावं आया हुआ है .................. बोरा कुण्‍डा 
बोरा कुण्‍डा किस जिले में आया हुआ है ...............बांसवाडा
कर्क रेखा राजस्‍थान के कितने जिलो में से होकर गुजरती है .............दो 
कर्क रेखा राजस्‍थान के कौन कौनसे जिलो में गुजरती है ..........बांसवाडा और डुंगरपुर
राजस्‍थान के दो जिले जिनकी सीमा अर्न्‍तराष्‍टीय एवं अन्‍तराज्‍यीय दोनो ही है ............गंगानगर एवं बाडमेर

राजस्‍थान की सीमा कौनसे देश के साथ लगती है ..........पाकिस्‍तान




विश्‍व की सबसे बडी झील .....................कैस्पियन
विश्‍व की सबसे बडी मीठे पानी की झील..........सुपीरियर
विश्‍व की सबसे बडी खारे पानी की झील ....... कैस्पियन
विश्‍व का सबसे उंचा पठान .........तिब्‍बत का पठार
विश्‍व की सबसे उंची झील ........टिटिकाका
पाक जल सन्धि जोडती है ...... मन्‍नार एवं बंगाल की खाडी को

विश्‍व की सबसे लम्‍बी नदी ........ नील
भुकम्‍प की ती्वता को मापने का यंत्र् ........ रिक्‍टर स्‍केल
प्रथ्‍वी की उपरी परत को कहते है ...... भुपर्पटी
विश्‍व का सबसे उंचा ज्‍वाला मुखी ..... एंकाकागुआ

विश्‍व का सबसे बडा प्रायद्वीप........ इण्‍डोनेशिया
भारत में सबसे गर्म स्‍थान ...... अजमेर
भारत में सबसे पुरानी पर्वतमाला ...... अरावली
क्षैत्रफल की द्रष्टि से सबसे छोटा राज्‍य ......गोवा

भारत की सबसे लम्‍बी नदी ...... गंगा
दक्षिण की गंगा के नाम से जानी जाने वाली नदी ...... कावेरी
विश्‍व का सबसे बडा प्रायद्वीप ...इण्‍डो‍नेशिया
सबसे बडा महासागर ...... प्रशान्‍त महासागर
समु्द जल में सर्वाधिक मात्रा मे पाया जाने वाला लवण....सोडियम क्‍लोराइड
वायुदाब मापने के यंत्र् को कहते है ...... बैरोमीटर
वायुमण्‍डल की सबसे नीचली परत है .... क्षोभमण्‍डल
वायुमण्‍डल की आद्रता मापने का यंत्र्...... हाइग्रोमीटर
विश्‍व में चावल का सर्वाधिक उत्‍पादक देश ......चीन
विश्‍व में सर्वाधिक चाय उत्‍पादक देश....भारत
संसार की छत के नाम से जाना जाता है......पामीर का पठार
विश्‍व की सबसे उंची सडक ....... लेह मनाली मार्ग
अरब सागर की रानी कहा जाता है..... कोचीन को
क्षैत्र्फल की द्रष्टि से भारत का विश्‍व में स्‍थान....सातवां
कर्क रेखा भारत के कुल आठ राज्‍यो से होकर गुजरती है
क्षैत्र्फल की द्रष्टि से भारत का सबसे बडा राज्‍य .. राजस्‍थान
हीराकुण्‍ड बांध बनाया गया है ..... महानदी पर
भारत में सर्वाधिक वर्षा वाला स्‍थान ...... मासिनराम
भारत का क्षैत्र्फल विश्‍व के क्षैत्र्फल का प्रतिशत है ... 2.4 प्रतशित
रोजगार की द्रष्टि से भारत में सबसे बडा उधोग.....सूति वस्‍त्र्
भारत की सबसे बडी कति‍रिम झील .....गोविन्‍द सागर
भारत का सबसे लम्‍बा राजमार्ग .... एन एच 2

भारत में रेशम का सबसे बडा उत्‍पादक राज्‍य .... कर्नाटक
सवोत्‍तम कोटि का संगमरमर मिलता है .... मकराना में
केशर का सर्वाधिक उत्‍पादक क्षेत्र् .... जम्‍मु कश्‍मीर
वह अभ्‍यारण्‍य जो शेरो के संरक्षण के लिये प्रसिध है ... गिर
भारत की सबसे बडी झील है ..... वुलर
भारत की सबसे लम्‍बी नहर ..... इंदिरा गांधी नहर
सोने का रेशा कहा जाता है ..................जूट को
सूती वस्‍त्र्ो की राजधानी कहा जाता है ....................मुंबई
भारत का पिटसर्ब्ग कहा जाता है .............................जमशेदपुर

असम की राजधानी है ..........................दिसपुर
कपास की खेती के लिये उपजाउ मिटटी होती है ................काली मिटटी
भारत में सर्वाधिक पायी जाने वाली मिटटी का नाम ..............जलोढ

अधिकतम पानी बनाये रखने वाली मिटटी का नाम ..............मटियार
भारत में सर्वाधिक सोना निकाला जाता है ................कोलार में
विश्‍व में सर्वाधिक अभ्रक उत्‍पादक देश......................भारत
भारत में खनिजो का अजायबघर है .....................राजस्‍थान
जावर खान स्थित है ...........................................राजस्‍थान में
जुडवा खनिज है ...................................सीसा एवं जस्‍ता
परमाणु उर्जा आयोंग की स्‍थापना हुई .........................1969 में
भारत में सर्वाधिक पवन उर्जा उत्‍पादित करने वाला राज्‍य है ... तमिलनाडु
भारत में सर्वाधिक बोई जाने वाली फसल है ...............चावल
ज्‍वारीय शक्ति उत्‍पादन में अग्रणी राज्‍य है ..............गुजरात
सोयाबीन उतपादन में मुख्‍य राज्‍य हे .................मध्‍यप्रदेश
गन्‍ना व गेहूं उत्‍पादन में सबसे अग्रणी राज्‍य .........उत्‍तर प्रदेश
देश में सर्वाधिक चीनी मिले किस राज्‍य में है ..............उत्‍तर प्रदेश
यूरिया का सबसे बडा कारखान स्थित है ...................सिन्‍दरी
सीमेन्‍ट उ'द्योग के लिये कच्‍चा माल है ....................लाइम स्‍टोन
भारत में राष्‍टीय आय की गणना करता है ..........केन्‍द्रीय सांख्यिकी संगठन
निगम कर है ...................................................प्रत्‍यक्ष कर

2013 वित आयोग के अध्‍यक्ष ............................विजय केलकर
वैट किस प्रकार का कर है ...................................अप्रत्‍यक्ष
भारत में वैट लागु हुआ ......................................... 01 अप्रैल 2005 को

किस समिती की सीफारीश पर भारत में वैट लागु किया गया ... एल के झा समिती
राष्‍टीय ग्रामीण रोजगार गारन्‍टी योजना प्रारम्‍भ की गई ..... 02 फरवरी 2000
गरीबी हटाओ नारा किस पंचवर्षीय योजना का था ............पॉंचवी
सर्वोदया योजना चालु की गई ....................जयप्रकाश नारायण द्वारा
कोयला उतपादन में भारत का स्‍थान है .............तीसरा
भारतीय रिजर्व बैंक की स्‍थापना की गई .................01 अप्रेल 1935
शेयर बाजार पर नियन्‍त्र्ण रखने वाली संस्‍था है ................सेबी
भारतीय रिजर्व बैंक का मुख्‍यालय है ......................मुंबई में
एक रूपये के नोट पर हस्‍ताक्षर होते है ................. वित सचिव
देश का सबसे बडा वाणिज्‍यक बैंक है ......................भारतीय स्‍टेट बैंक
भगवान महावीर का जन्‍म हुआ था ........................ वैशाली में
भारत पर हुणो का आक्रमण किसके शाशन काल में हुआ.........स्‍कन्‍दगुप्‍त
नालन्‍दा विश्‍वविदद्यालय का संस्‍थापक .................कुमारगुप्‍त
सोमनाथ मन्दिर को जिस मुस्लिम आक्रमणकारी ने लुटा  वो.........महमूद गजनवी था
गुरूनानक का जन्‍म हुआ.....................................तलवण्‍डी में
अजमेर में किस प्रसिध सुफी सन्‍त की दरगाह है ................ख्‍वाजा मुइनुदीन चिश्‍ती की
अकबर नामा की रचना की ............................अबुल फजल
अकबर एवं महाराणा प्रताप के बीच हल्‍दी घाटी का युध लडा गया ............... 1576 ई में
दिल्‍ली का लालकिला बनवाया गया ....................शाहजहॉं
हुमायुनामा रचना है .............................................गुलबदन बेगम

शिवाजी ने अपना राज्‍यभिषेक कराया .......................रायगढ में
ताजमहल किसकी याद में बनवाया गया ......................मुमताज महल

प्रथम स्‍वतंत्र् ‍भारतीय गर्वनर जनरल थे .............................डा. राजेन्‍द्र प्रसाद
लीलावती पुस्‍तक संबधित है ..........................गणित से
गांधीजी ने सर्वप्रथम सत्‍याग्रह का प्रयोग किया था ................ खेडा 1918 में
असहयोग आन्‍दोलन किया गया ................................. 1920 में
लंदन में इण्डिया हाउस की स्‍थापना की .............................श्‍यामजी कृष्‍ण वर्मा
साइमन कमीशन भारत आया ................................03 फरवरी 1928
भारत स्‍वतंत्र हुआ .................................... 15 अगस्‍त 1947 को
करो या मरो का नारा था ..............................महात्‍मा गांधी
भारत छोडो आन्‍दोलन शुरू हुआ ...............09 अगस्‍त 1942 को
भारत में सती प्रथा प्रतिबन्धित की गई ............................................... 1829 में
वैदो की ओर लौटो ना‍रा दिया था  ...................... स्‍वामी दयानन्‍द
भारत आने वाला पहला पूर्तगाली था ............वास्‍को डी गामा
भारत का पहला वायसराय था ...................लार्ड कैलिंग
गांधीजी अपना राजगुरू मानते थे........................गोपाल कृष्‍ण गोखले का
भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस की स्‍थापना ....................1885 ई में
कांग्रेस की पहली महिला अध्‍यक्ष थी ................. एनी बेसेन्‍ट

जागो रे हिन्दू शेरो

बहुत ही दुखद है कि आज
कई कट्टर हिन्दुओं के लिए
उनका निजी स्वार्थ धर्म
से बड़ा हो गया.....
कष्ट हुआ आज देखकर
कि हिन्दू अब अपने धर्म
को नहीं अपितु स्वयं
को सर्वश्रेष्ठ सिद्ध
करना चाह रहे हैं.....!!!!
अब अगर ऐसा रहा तो मुझे
फेसबुक छोडनी पड़ेगी....
क्योंकि मै हिन्दुओं
को सिर्फ ऐसे अपने
निजी वर्चस्व के लिए
युद्ध करते हुए नहीं देख
सकता.....!!!!
और एक बात
कहना चाहूँगा कि कुछ
लोगों ने
मेरी शालीनता और शिष्ट
भाषा से शायद मुझे
कमजोर समझ लिया है....
लेकिन
सबको बताना चाहूँगा कि
शालीनता सिर्फ आप
प्रिय हिन्दू मित्रों के
लिए ही है इसे
मेरी कमजोरी न समझें.....
जो मेरे मित्र मुझसे अब से
एक साल पहले से जुड़े हैं
वो जानते हैं कि मै अगर
अपशब्द, अभद्र
या अश्लील भाषा बोलने
पर आ जाऊं तो सामने वाले
की हिम्मत नहीं कि मुझे
चुप करवा सके लेकिन
मित्रता सूची में अब कुछ
वृद्ध, संत, माताएं व बहने
भी हैं इस कारण मैंने
अपनी वाणी पर संयम
किया हुआ है लेकिन इसे
मेरी कमजोरी समझने
की भूल कतई न करें....
हथियार रख दिए हैं
चलाना नहीं भूले.......!!!!

धारा 370


27, अक्‍टूबर, 1947 को महाराजा हरिसिंह के हस्‍ताक्षर के बाद,जम्‍मू-कश्‍मीर  का विलय भारत के साथ संपूर्ण हो गया था। राष्‍ट्रीय और अंर्तराष्‍ट्रीय नियमों के अनुसार जम्‍मू-कश्‍मीर 27 अक्‍टूबर,1947 को भारत का अभिन्‍न अंग बन चुका था, जैसे बाकी रियासतें भारत से  मिल गयी थीं। महाराजा ने विशेषकर, अपने विलय पत्र पर रक्षा, विदेशी मामले, संचार व मुद्रा को बिना किसी शर्त के भारत सरकार को सौंप दिया था। इस बात का उल्‍लेख संविधान सभा की बहस में भी बड़े जोरदार शब्‍दों में दर्ज है। परंतु 26 जनवरी, 1950 को भारत के एक संविधान में  एक अस्‍थायी धारा-370 जो दस-पंद्रह साल में समाप्‍त कर दी जायेगी। मगर आज जम्‍मू-कश्‍मीर विलय के 65 वर्ष पूरे हो चुके हैं यानि आधी सदी से भी ज्‍यादा समय हो चुका है और भारत के शत्रु जो इस देश को कमजोर करना चाहते हैं वे तथाकथित कश्‍मीर के मुद्दे को उठाकर देश की एकता को कमजोर करने के लिये धारा-370 को तलवार के रूप में इस्‍तेमाल करके अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं।

    सवाल यह है कि जब भारत का विलय 65 वर्ष पहले हुआ तो धारा-370 में संसद पर रोक क्‍यों लगायी गयी कि वह जम्‍मू-कश्‍मीर के बारे में कोई भी विधान या कानून बनाने में असमर्थ है। आज संसद का जो भी कानून बनता है उसके आगे लिखा जाता है कि यह कानून जम्‍मू-कश्‍मीर में लागू नहीं होगा, जबकि जम्‍मू-कश्‍मीर के विलय पर कोई भी प्रश्‍न नहीं उठता, यहां तक कि  अंर्तराष्‍ट्रीय न्‍यायालय में पाकिस्‍तान के जज ने स्‍वयं  इस बात को स्‍वीकार किया था कि महाराजा हरि सिंह को विलय करने का पूरा अधिकार  था।
     धारा-370 को रखा जाय या हटाया जाय, प्रश्‍न देश के सामने यह नही है, प्रश्‍न यह है कि जब जम्‍मू-कश्‍मीर भारत का अभिन्‍न अंग बन चुका है तो क्‍या बात है कि देश की संसद अपने  ही देश के लोगों के लिये क्‍यों कानून नही बनाती। यह रोक किसने लगायी है। इस रोक को 65 वर्ष तक क्‍यों नही हटाया गया। सवाल यह भी है कि जो राजनीतिक दल धारा-370 हटाने की बात करते रहे, उसके लिये सड़कों पर आंदोलन भी हुये, जब वे केन्‍द्र में सत्‍ता में आये, तो उन्‍होंने धारा-370 के बारे में खामोशी अख्त्यिार क्‍यों कर ली। हटाने की बात तो दूर रही उन्‍होंने धारा-370 में संशोधन की बात भी नहीं की।

    मुझे याद है कि जब मैं देश के उस समय के प्रधानमंत्री माननीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी से उनके निवास पर मैंने दिसंबर, 2003 में जोरदार तर्क देकर उनसे धारा-370 में संशोधन करने का सुझाव दिया था। मेरा इतना मानना है कि यदि संसद को जम्‍मू कश्‍मीर पर कानून बनाने का  अधिकार दिया जाये, जिसे संसद ने खुद ही अपने ऊपर अंकुश लगा  रखा है, तो जम्‍मू कश्‍मीर के लोगों को ही नहीं, बल्कि पूरे विश्‍व के लोगों को एक संदेश जायेगा कि जम्‍मू-कश्‍मीर भारत का अभिन्‍न अंग है और रहेगा। मैंने वाजपेयी जी से यह अनुरोध किया था कि कम से कम उन तीन मुद्दों पर संसद को कानून बनाने का अधिकार तुरंत दे देना चाहिये, जिनमें रक्षा, विदेशी मामले, संचार एवं मुद्रा आदि मुद्दे शामिल हैं।

वाजपेयी जी ने मुझे इस विषय पर एक संक्षिप्‍त लिखित सुझाव देने को कहा, मैंने उसी दिन शाम को वाजपेयी जी को अपना सुझाव पत्र एक अध्‍यादेश के शक्‍ल में बनाकर पेश किया। मैंने वाजपेयी जी से यह अनुरोध किया था कि जम्‍मू-कश्‍मीर विधानसभा को समवर्ती सूची में शामिल सभी मुद्दों पर कानून बनाने का अधिकार दिया जा सकता है, परन्‍तु भारत की सार्वभौमिकता को खंडित नही किया जा सकता। मेरा सुझाव था कि धारा-370 में यह संशोधन राष्‍ट्रपति द्वारा एक अध्‍यादेश से लागू किया जा सकता था और उसके बाद इसी मुद्दे पर संसद का चुनाव होना  चाहिये कि देश के लोग जम्‍मू-कश्‍मीर की तथाकथित समस्‍या का हमेंशा-हमेंशा के लिये समाधान निकाल सके- काश कि वाजपेयी जी इस संशोधन को  कर पाते।

     इसमें कोई संदेह नहीं कि धारा-370 को संविधान के पन्‍नों से पूरी तरह हटाना, शायद अभी मुमकिन  नही होगा, परन्‍तु धारा-370 की तलवार से संसद की विधायी संसद को जम्‍मू-कश्‍मीर से अलग रखना भी देश की एकता और अखण्‍डता के लिये लाभदायक नही होगा। धारा-370 में संशोधन पूरे देश की रक्षा, अखण्‍डता और एकता के लिये अत्‍यंत आवश्‍यक है। तथाकथित स्‍वायत्‍तता के नारे देश को तोड़ने वालों के नारों से कम नहीं है, जम्‍मू-कश्‍मीर के लोग पाकिस्‍तान के वर्तमान विगड़ते हुये राजनीतिक व सामाजिक हालत से बाखबर है।

 उन्‍होंने पाकिस्‍तान की ओर से 1947, 1965 और 1999 के आक्रमण को नहीं भूला है ना ही जम्‍मू-कश्‍मीर के लोग पाकिस्‍तान की फौजी शासन को बर्दाश्‍त  नहीं कर सकते हैं, वे धर्म-निरपेक्ष,भाईचारा और सद्भभावना के माहौल में पले हैं, बढ़े हैं। जम्‍मू-कश्‍मीर के लोग उस भेद-भाव से बाहर आना चाहते हैं, जिसे संविधान ने अपने दायरे में बंद कर रखा है। क्‍या संसद का अपने ऊपर जम्‍मू-कश्‍मीर में कानून न बनाने का अंकुश लगाना, जम्‍मू-कश्‍मीर के लोगों के  साथ भेद-भाव नही है। यह है विलय दिवस पर जम्‍मू-कश्‍मीर के अवाम का सवाल, जिस दिन संसद अपने उपर लगाये इस अंकुश को खत्‍म कर देगी, जम्‍मू-कश्‍मीर में फिर से सर्द हवाएं चलना आरंभ हो जायेंगी, जम्‍मू-कश्‍मीर में ना उग्रवाद रहेगा और ना ही आतंकवाद।

     भारत का ध्‍वज हर घर पर लहरायेगा और प्‍यार, मोहब्‍बत और अमन चैन की फिज़ा फिर लौटकर आयेगी। यही था पैगाम विलय दिवस का, क्‍योंकि विलय दिवस का महत्‍व जम्‍मू-कश्‍मीर के लोगों के लिये वही है, जो 26 जनवरी पूरे राष्‍ट्र के लिये है। विलय के बावजूद  जम्‍मू-कश्‍मीर का ध्‍वज अलग, संविधान अलग और जम्‍मू-कश्‍मीर के संविधान से मौलिक व मानव अधिकार गुम। 27 अक्‍टूबर को जम्‍मू-कश्‍मीर के लोग, उन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्‍होंने जम्‍मू-कश्‍मीर की रक्षा के लिये पाकिस्‍तान की ओर से आने वाले हमलावरों को अपने प्राणों की आहूति देकर उड़ी-बारामूला मार्ग पर रोके रखा, उनमें से लामसाल कुर्बानी है ब्रि0 राजेन्‍द्र सिंह और उनके साथ 150 उन डोगरा वीर सिपाहियों की जिन्‍होंने पाकिस्‍तान की ओर से हजारों हमलावरों को बारामूला में नहीं घुसने दिया और 26-27 अक्‍टूबर की रात वे शहीद हो गये।


     जम्‍मू-कश्‍मीर के विलय दिवस पर भव्‍य समारोह होने चाहिये,घर-घर तिरंगा का संदेश पहुंचना  चाहिये ताकि हर व्‍यक्ति  को विलय का संदेश पहुंच पाये और उसे भारतीय होने का स्‍वाभिमान  प्राप्‍त हो सके।
    
रसूल की भविष्यवाणी ,मक्का का विनाश होगा !
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मुसलमानों का स्वभाव है वह जिस देश में रहते हैं उसी दश को बर्बाद और तबाह कर देते हैं ,और दूसरे देशों पर आरोप लगा देते हैं ,कोई इन से पूछे कि बताओ अफगानिस्तान , इराक , सीरिया , लेबनान ,यमन और मिस्र को क्या बजरंग दल या हिन्दू महासभा ने बर्बाद किया है , या वहां दंगा करने के लिए आर .एस. एस, के लोग गए थे ?मुसलमान मुहम्मद साहब को शांति का दूत बताते हैं, लेकिन दुनिया भर के देशों को बर्बाद करके , मुहम्मद साहब खुद उस मक्का शहर की बर्बादी और विनाश की इच्छा रखते थे .कहा जाता है कि एक घर तो भूत भी छोड़ देता है ,लेकिन जो मुसलमान मुहमद साहब को अल्लाह का रसूल मानते है , उनको पता होना चाहिए कि उन्हीं के प्यारे रसूल ने मक्का के बर्बाद और तबाह होने की यह भयानक भविष्यवाणी कर रखी थी

."मुआज बिन जबाल ने कहा कि जब रसूल मक्का में थे , तो कहा , जल्द ही वह समय आने वाला है जब यरूशलेम फिर से आबाद होगा . और उसी के साथ यसरिब( मक्का )की बर्बादी शुरू हो जाएगी . फिर एक बड़ी सेना कुस्तुनतुनिया ( Costinople ) से निकल कर मक्का पर हमला करेगी .उस सेना का सेनापति दज्जाल होगा .और वह मक्का नेस्तनाबूद कर करके इसी जगह पर अपना सिंहासन जमाएगा ,यह कह कर रसूल ने अपनी जांघ पर हाथ रख कर उस जगह की तरफ इशारा किया जिस कुर्सी पर वह बैठे हुए थे .और रसूल ने कहा कि मेरी यह बात सच होकर रहेगी"सुन्नन अबू दाउद- किताब 37 हदीस 4281

लगता है कि मुहम्मद साहब की यह मक्का की विनाश वाणी जरुर सच होगी क्योंकि अमेरिका गुप्त रूप से मक्का और मदीना प् जापान की तह एटम बम डालने की गुप्त योजना बना रहा है , और उसने तुर्की में ( कुस्तुन्तुनिया ) में अपने अड्डे भी बना लिए है , झांसे मक्का मदीना बिलकुल पास हैं . भले मुहम्मद साहब की दूसरी भविष्यवानियाँ गलत हो जाएँ , लेकिन सभी ईश्वर से प्रार्थना करें की उनकी यह भविष्यवाणी सच हो जाये .

"इस्लाम का प्रारंभ अत्याचार से हुआ था , तो उसका अंत भी सत्यानाश से होना चाहिए ."पता चला है कि अल्लाह के फ़रिश्ते जो कुरान के हिस्से लेकर आते थे ,अमरीकी हमले के डर से भाग गए है .कि कहीं उनका हाल भी ओसामा बिन लादेन जैसा न हो जाये .इसलिए अब फ़रिश्ते अल्लाह के खिलाफ आयतें अरब कि जगह भारत भेज रहे हैं .जिसे कुरानुल हिंद का नाम रखा गया है . अभी मेल से जो आयतें प्राप्त हुई हैं , वह दी जा रही हैं , जैसे जैसे नयी आयतें मिलती जाएँगी देते रहेंगे.

नया कलमा لا اله لا الله،لا فاِلحقِّ رسول اللهला इलाहा ला अल्लाह -ला फिल हक्के रसूल अल्लाह"न कोई इलाह है ,न अल्लाह है .और वास्तव में न कोई अल्लाह का रसूल है".

सूरतुल कुफ्ल (ताला)

سورة الكُفل-

الّعنت الله ربُّ الجهلين،الظالم الظالمين،مالكُ مال الغاصبين،ايّاهُ م عابدون الغافلين

لعنتُ انّاس عليهِم اجمعين،

اِنّا قِنا ربُّ المسلمين

آمين

लानतउल्लाह रब्बुल जाहलीन.अल जालिमुल जालमीन. मालिक मालुल गासबीन. इय्या हुम आबिदून अल गाफिलीन. लानतु अन्नास अज मईन. इन्ना किना रब्बुल मुसलमीन. आमीन.

अर्थ - अज्ञानियों के स्वामी पर धिक्कार .अत्याचारियों में बड़ा अत्याचारी .लूट के माल का मालिक .केवल मूर्ख ही जिसकी इबादत करते हैं .और सभी लोग जिस पर लानत भेजते हैं .हमें मुसलमानों के ऐसे अल्लाह से बचाया जाये . आमीन .सूरतुल कुफ्ल (ताला).

سورة الكُفل-

الّعنت الله ربُّ الجهلين،الظالم الظالمين،مالكُ مال الغاصبين،ايّاهُ م عابدون الغافلين

لعنتُ انّاس عليهِم اجمعين،

اِنّا قِنا ربُّ المسلمين

آمين

लानतउल्लाह रब्बुल जाहलीन. अल जालिमुल जालमीन. मालिक मालुल गासबीन. इय्या हुम आबिदून अल गाफिलीन. लानतु अन्नास अज मईन. इन्ना किना रब्बुल मुसलमीन. आमीन.

अर्थ - अज्ञानियों के स्वामी पर धिक्कार .अत्याचारियों में बड़ा अत्याचारी .लूट के माल का मालिक .केवल मूर्ख ही जिसकी इबादत करते हैं .और सभी लोग जिस पर लानत भेजते हैं .हमें मुसलमानों के ऐसे अल्लाह से बचाया जाये . आमीन .

उदू मुहम्मद ,मुनकिरुल इस्लाम

Rajasthan Board 10th Class Exam Result 2014 Merit list

Board of Secondary Education Rajasthan Ajmer is going to declare RBSE Rajasthan Class 10thResult 2014 on June 6, 2014 at 5:00 PM on RBSE main website official website portal i.e. http://rajresults.nic.in/ (today ). In related pattern RBSE has conducted board exams in the Month of March 2014 amid 6th March 2014 till 28th March 2014
The aspirants who have appeared in the examination after completing on exam they are nervously search on internet on Rajasthan Board10th Class Result 2014 just few minutes left to know their Result. BSER 10th Ranking list 2014 Result has finally declare on official website(today)So those aspirants who has taken this exam can easily check or download result onofficial website or here itself as soon as possible
Name of organizationBoard of Secondary Education Rajasthan Ajmer
BSER Rajasthan 10th Result to be announced onofficial website onJune 6, 2014 at 5:00 PM

Download RBSE Rajasthan Board 10th Class Exam Result by Name wise, school wise, Roll no. wise

In Rajasthan a large no. of private & govt. schools affiliated with Board of Secondary Education Rajasthan Ajmer Every year thousands numbers of Students attend secondary & higher secondary examination. There are a lot of students are coming here for their development & success. On the basis ofRajasthan Board 10th class merit list student choose carrier option & opportunities because 10th class is basic level of carrier in education field so all appearing candidates can easily download BSER / RBSE 10th Ranking list 2014 Result on official website or here itself we provide direct link to download the result easily
Speed up students don’t waste your time 2014 just few minutes left to know their Result. CheckRajasthan Board 10th Results 2014 with Rollno.wise, School wise, Name wise

Thursday, June 5, 2014

सर फ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है।

करता नहीं क्यूं दूसरा कुछ बात चीत
देखता हूं मैं जिसे वो चुप तिरी मेहफ़िल में है।

ऐ शहीदे-मुल्को-मिल्लत मैं तेरे ऊपर निसार
अब तेरी हिम्मत का चर्चा ग़ैर की महफ़िल में है।

वक़्त आने दे बता देंगे तुझे ऐ आसमाँ
हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है।

खींच कर लाई है सब को क़त्ल होने की उम्मीद
आशिक़ों का आज झमघट कूचा-ए-क़ातिल में है।

है लिए हथियार दुश्मन ताक़ में बैठा उधर
और हम तैयार हैं सीना लिए अपना इधर
खून से खेलेंगे होली गर वतन मुश्किल में है।

हाथ जिन में हो जुनून कटते नहीं तलवार से
सर जो उठ जाते हैं वो झुकते नहीं ललकार से
और भड़केगा जो शोला सा हमारे दिल में है।

हम तो घर से निकले ही थे बांध कर सर पे क़फ़न
चाहतें लीं भर लिए लो भर चले हैं ये क़दम
ज़िंदगी तो अपनी मेहमाँ मौत की महफ़िल में है।

दिल में तूफ़ानों की टोली और नसों में इंक़िलाब
होश दुशमन के उड़ा देंगे हमें रोको ना आज
दूर रह पाए जो हम से दम कहां मंज़िल में है।

यूं खड़ा मक़तल में क़ातिल कह रहा है बार बार
क्या तमन्ना-ए-शहादत भी किसी के दिल में है।